मैंने हद की हद देखी है… Jan24

मैंने हद की हद देखी ...

मैंने हद की हद देखी है… जुनुने-इश्क की सरहद देखी है | जो डूबकर निकला दरिया से, अब दरिया की कद देखी है…|| जो उछलती मौजों पर, कश्ती अपनी संभाली थी, मत पूछ ! कितना कठिन था वो ! पर, साहिल को पाने की जद देखी है || कभी कीचड़, कभी धूल-गर्द, कभी तपन बहुत, कभी बहुत सर्द | यादें हैं- वो शिद्दत से गुजरी...

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