गुलाबो और यक्ष प्रश्न Mar03

गुलाबो और यक्ष प्रश्...

“बाबा एक यक्ष प्रश्न लेकर आई हूँ….” “बोलो गुलाबो” “ये बसंत के आगमन होते ही वातावरण इतना रोमांटिक क्यों हो जाता है? मेरे वात्सल्य मन में प्रेम बरसाती मेघ की तरह उमड़ने-घुमड़ने लगता है, नाक-कान-आँख-ह्रदय सब प्रेम रस पान को व्याकुल हो जाता है ” “ये ऋतुराज हैं गुलाबो…..इनके मादक राज में...

शादी का सिग्नल Mar01

शादी का सिग्नल...

“अजी सुनती हो………….?” “अब क्या हुआ? सुबह-सुबह गला क्यों फाड़ रहे हैं?” “तुम्हारा लाडला व्हाट्सएप्प किया है…” “क्या लिखा है?” “बाबूजी…कल रात फिर से कांड हो गया….शाम में ही आँख लग गयी और बिना खाना खाए ही सो गया…बाबूजी ये सब हमेशा आपके कारण होता...

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