फॉस्फोरस May10

फॉस्फोरस...

एक बार एक गणित को रसायन से इश्क़ हो गया । बात बढ़ी तो पासपोर्ट बना, वीजा/वीसा मंगवाया….मुलाकातें हुई…मुक्कालातें हुई …। गंधयुक्त वीकर में कुछ प्रयोग हुआ, कुछ हलचल हुआ । एक मिसाइल संतति उत्पन्न हुआ । अब रोपा पेड़ बबूल का तो नीम कहां ते होई ! मिसाइल अभी से फॉस्फोरस मूतते चलता है...

देहाती-गवाँर May08

देहाती-गवाँर...

गांव की गोरी, “बड़े खच्चर हो तुम…” शहर की छोड़ी, “अच्छा, मैं नमकीन हूँ? चल हट्….कमीना कहीं का…” पटना यूनिवर्सिटी की एक हिंदी स्नातक की छात्रा, “…ओए लप्रेक्‬ समझा है क्या? पूरी ‎उपन्यास‬ हूँ मै….” हमारे मित्र कल से आज तक,...

गाम और आम May04

गाम और आम...

खलिहान से लाइव कल की बरसात के बाद गाँव काफी खूबसूरत हो गया है, प्रकृति बेहद प्यासी थी, पत्तियाँ जल गयी थी, पौधे झुलस-से गये थे | कल मौसम का मिजाज बदला, रात काफी काली हो गयी, बादल गरजने लगे, बिजली कड़कने लगी, पवन की रूहानी संगीत में गुलमोहर झुमने लगा | आम-लीची प्रेम-गीत गुनगुनाने लगे | प्रकृति...

Home Page