सत्य बकर Sep14

सत्य बकर...

​सत्य बकर आज भादव का तेरस है, आज के दिन गांव के लोग महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं । मैं पकरी दयाल में हूँ और यहां पिछले एक महीने से तैयारी हो रही थी । सुबह 3 बजे से 1500-2000 महिला-पुरुष-बच्चे 3 घंटे प्रतिदिन टहलते थे । पर आज सोमेश्वर महादेव को जल चढाते ही यह दृढ़-निश्चय ख़त्म हो जाएगा ।...

अधूरा प्रेम Sep10

अधूरा प्रेम...

​ कल रात एक कविता लिख रहा था, “चाँद लिपटा सो रहा बादलों की चादर में । आधी रात बाकी है, घड़ी भी रूठी है। आज फिर तेरी याद में रतजगा है ।” कविता पूरी नहीं हुई, मैं पुराने वक़्त में खो गया । और कमाल तो देखो आज पूरे 1051 दिन बाद सुबह-सुबह मेरी दुआ कबूल हो गयी ।...

जवानी  Sep07

जवानी 

​माथे की नस दुख जाती है जवानी की गुत्थियाँ सुलझाने में । वो बचपन की मौज कहाँ अब, गांव की पगडंडी और खेत की हरियाली दोपहरिया का कच्चा आम-अमरुद, और पोखर-भिंड पर गाछी में कंचे का खेल ! यहां अब राह पथरीली है, कभी गर्द है, कभी सर्द है, कभी लू में झुलसा देह का दर्द है । यहां अब वक़्त गुजर जाता है,...

शिक्षक दिवस पर एक विचार Sep05

शिक्षक दिवस पर एक वि...

​कभी-कभी जिंदगी और वक़्त के बारे में सोचता हूँ तो बड़ा ताज्जुब होता है । क्या है यह? कैसे संचालित होता है यह? कहीं कोई मदारी तो नहीं जो डमरू बजाता है और हम नाचने लगते हैं ?? बंद पलकों में ये कल का ख्वाब क्या है, कैसा है? हकीकत का गणित तो कुछ और कहता है… सच क्या है, झूठ क्या है? अर्थ क्या...

​ग्लोबल गप्प डायरेक्ट गाम से Sep04

​ग्लोबल गप्प डायरेक्...

​ग्लोबल गप्प डायरेक्ट गाम से मिथिला में बंजर जमीनों, रेलवे लाइन के किनारे, नदी के मुहाने एक प्रकार का घास बहुतायत मिलता है जिसे सिक्की घास कहते हैं।सिक्की घास से मिथिला में नाना प्रकार के घरेलू सामान और सजावट के सामान बनाये जाते थे । हालांकि व्यावसायिक पहचान के अभाव में अब यह कला दम तोड़ रही...

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