भाग-1.  मैं, नेहा और जलेबी May25

भाग-1. मैं, नेहा और जलेबी...

भाग-1. मैं, नेहा और जलेबी       ये उन दिनों की बात है जब पैरों में कोई लेक्सो का हवाई चप्पल होता था, जिसपर कछुआ छाप से थोड़ा जलाकर हम निशान बना देते थे कि कहीं बदला ना हो जाये, घुटने से दो बिलांग छोटी बुल्लू (ब्लू) कलर की पैन्ट होती थी, जिसमें जिप की जगह बटन होता था क्यूंकि जिप में अक्सर मेरा फंस जाया करता था और उस समय उस उमर में अन्दर ‘वो’ पहनने की जागरूकता नहीं थी, रंगीन गंजी होता था और इन्द्रधनुष रंग का हाफ शर्ट | गोरे बदन पर गंजी के नीचें गंजी का निशान बड़ा प्यारा लगता था, अक्सर अकेले गाछी में जलेबी खाते खाते हम दोनों के एक दुसरे के निशान में ‘मैं ज्यादा गोरा….मैं ज्यादा गोरी’ करते रहते थे | शर्ट के बांह से बगलों में...

जलवायु परिवर्तन : सम...

#खलिहान_से_लाइव हिमालय के नजदीक रहने के कारण बिहार सबसे अधिक जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हो रहा है | जलवायु परिवर्तन का कोई विकल्प नहीं है, एक ही उपाय है कि हम अधिक से अधिक पेड़ लगायें, कार्बनडाईऑक्साइड और कार्बनमोनोऑक्साइड को वायुमंडल में कम से कम उत्सर्जन करें | रिन्यूएबल एनर्जी के श्रोतों...

जल संरक्षण : भूजल पु...

#खलिहान_से_लाइव अभी जहानाबाद गया था, जल विहीन है पूरा क्षेत्र | गर्द का गुबार उठता है हल्की सी हवा चलने भर से | परती खेत धूप में जल रहा है | ये स्थिति नवादा, जमुई जैसे कई अन्य क्षेत्रो में भी हो रहा है | पानी की समस्या अगले १० वर्ष में सबसे बड़ी समस्या बनने वाली है | बिहार में ये समस्या...

का करें सर, पैसा तो ...

#खलिहान_से_लाइव भरत आज भरथा से भरत भाई हो गए हैं । आज आप इनके गांव जाओ और किसी को पूछो कि भरत जी का घर कहाँ है तो लोग आपको इनके घर तक पहुँचा देंगे, पर चलते-चलते जरूर पूछ देंगे कि कोनों कंपनी से आये हैं का? बहुते कंपनी वाला सब उनके पास आते रहता है । पूर्वी चंपारण के पकड़ी दयाल प्रखंड में एक गाम...

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