‘मसाफिर कैफ़े’ –...

‘मसाफिर कैफ़े’ दिव्य प्रकाश दुबे भाई कि तीसरी किताब है | यह एक छोटी सी उपन्यास है जिसे आप बड़े मजे स्टेशन के बुक स्टॉल से खरीदकर 2-३ घंटे में इस पार से उस पार तक पढ़ कर अगले स्टेशन पर बुक स्टॉल पर जमा कर सकते हैं, और फिर अगले स्टेशन तक के लिए नई किताब ले सकते हैं | इनके लिखने का अंदाज बड़ा सहज...

इन पुस्तकों को अवश्य...

      “Buy Now – मधुशाला”     “Buy Now – आपके अवचेतन मन की शक्ति”         “Buy Now- नॉन रेजिडेंट बिहारी”      “Buy Now- फ़िफ्टी शेड्स ऑफ़ ग्रे”         “Buy Now- लज्जा”      “Buy Now- इश्क में शहर होना “  ...

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