एक फूल Mar26

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एक फूल

एक बाग, हज़ार माली

खिला एक फूल जो,

सैकड़ों पुजारी !

इस शहर में मंदिरें बहुत है,

दरगाह भी है, कब्र भी है |

जुड़ा संवारती नवयौवना भी है,

इजहारे-इश्क में मशगूल प्रेमी जोड़े भी है |

मंत्री भी है, संतरी भी है,

शैतानों की की एक वस्ती भी है |

भवरें भी हैं, प्यासा बादल भी है,

हवा की नज़र भी कुछ अच्छी नही है |

बेपरवाह सबसे, छुपाकर तुझको इश्क करता हूँ मैं |