खलिहान से लाइव…- किसानी डायलाग Jan02

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खलिहान से लाइव…- किसानी डायलाग

प्रश्न:- चाचा आपने कितनी पढाई लिखाई की है ?
उत्तर: बेटा पढ़े लिखे होते क्या किसान होते ?
प्रश्न:- चाचा आपके बच्चे लोग क्या करते हैं ? कहाँ रहते हैं? वो लोग खेती में आपका हाथ नहीं बटाते हैं ?
उत्तर: सब बच्चे बाहर दिल्ली बम्बई में कमाते-खटाते हैं, यहाँ क्यों रहेंगे ? भगवान ऐसा दिन ना करें की उनलोगों को खेती करना पड़े…किसान और मसान (भूत-प्रेत) में कोई फर्क होता है…?
प्रश्न:- चाचा फ़सल की बुवाई का सही तरीका ये…इस तरह से है इतनी दुरी पर….
उत्तर:- बेटा जितना तुम्हारा उमर हुआ है उससे अधिक दिनों से हम खेती कर रहे हैं, अब तुम हमको खेती करना सिखाओगे…..४ दिन हमारे साथ दिनभर खेत में काम करो…फिर ज्ञान देना |
प्रश्न:- अच्छा चाचा ये बताओ की खेती में एक सीजन में कितना खर्चा लग जाता है और कितना उपज आता है ?
उत्तर:- बेटा किसान अगर इतना हिसाब करेगा तो खेती कर पायेगा…..खेती अब नुकसान का सौदा हो गया है….खेत को परती नहीं देख पाते हैं तो किसी तरह ऋण-कर्जा लेकर खेती कर लेते हैं…
प्रश्न: चाचा आप की मेहनत के कारण हमारा पेट भरता है, अगर किसान नहीं होंगे तो अन्न कौन उपजाएगा….! आज तो आपके विकास के लिये सरकार भी प्रयासरत है…कितनी सारी योजनायें आपके लिए खासकर के बनाया गया है…
उत्तर:- (चाचा काफी देर ख़ामोश रहते हैं फिर गहरी लम्बी सांस लेकर बोलते हैं) बेटा जानकारी तो सब मुझे भी है पर किसान को इतनी फुरसत कहाँ की बाबू की खातिर करें….किसान तो उगते सूरज के साथ खेत पर जाता है, और ढलते सूरज के संग लौटता है….सरकार ने ठेकेदार बना रखें है और ठेकेदार हमारे चौखट आते नहीं और हमें उनके दरवाजे पर जाने का वक़्त नही…अभी डीजल का पैसा मिल रहा है और सरकारी बोरिंग बंद पड़ा है, हमें पानी की जरुरत है, पैसे की नहीं | खाद-बीज हम अपनी पसंद और जरुरत से ले लेंगे आप कुछ करना चाहते हो तो हमें अच्छी कंपनियों से जोड़ दो….सीजन से पहले वैज्ञानिकों को हमारे गाँव भेज दो….कुछ मशीन हमारे गाँव या पंचायत में दे दो जो हम भाड़े पर लेकर खेती कर सकें…
बेटा हमारी तकलीफ से तुम्हेँ तकलीफ़ होती है तो किसानी का मतलब बदलो….किसान को ‘कि शान’ बनाओ | पढ़े-लिखे हो, तुमलोग समाधान ढूढो… समाधान बातें करने से नहीं होगा… आओ लौटकर अपने घर आओ और किसानी करो…..

चाचा बोलते हुए चले गये और मैं वहीं खड़ा सोचता रह गया |

मैं आपलोगों से समाधान जानना चाहता हूँ….पढ़-लिखकर कोई किसान क्यों नहीं बनता और कैसे बनेगा ??

आपके उत्तर का इंतजार रहेगा |