इल + एक्शन = इलेक्शन Apr29

Tags

Related Posts

Share This

इल + एक्शन = इलेक्शन

इलेक्शन अंग्रेजी में संधि-विच्छेद करके हिंदी में मतलब बूझें तो इल (ILL) + एक्शन(ACTION) मतलब बीमार कार्य | सहमत हैं ? झूठ होगा क्योंकि आपने कभी अपने रंगीन स्क्रीन पर देखा नहीं, अख़बारों में पढ़ा नहीं….

खैर आइये बिहार…यहाँ चल रहा है पंचायत इलेक्शन मतलब पंचायत चुनाव चल रहा है | गाँव की राजनीति गर्म है | कुछ सुयोग्य, सशक्त, कर्मठ, साहित्य-कलाप्रेमी, प्रखर समाजसेवी बस्ती-बस्ती घूम-घूम नीतिश्लोक पढ़ रहे हैं, कहीं भोज हो रहा है, कहीं जागरण, कहीं जुम्मे को अन्न दान हो रहा है | हर टोले में कुछ कुम्हार हवाई चाक लेकर मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति, वार्ड-कमिश्नर गढ़ रहे हैं | बीच-बीच में ‘सामंत की जय हो’ भी सुनाई दे रहा है | इस बार कुछ चाणक्य भी अवतार लिए हैं, पिछले चुनाव में ये चन्द्रगुप्त थे, अबकी आरक्षण ने इनको बादशाह से प्यादा बना दिया है, अब ये शतरंज के पुराने खिलाड़ी हैं तो हार तो नहीं मानेंगे, अपनी चाल आजमा रहे हैं |  कहीं समीकरण बन रहा है तो कहीं सोशल इंजीनियरिंग की कक्षाएँ चल रही है | शराबबंदी का पूरा असर है, राजनीति का बाज़ार फ़ीका है, बेहद मंदा…उधार और मंगनी से चल रहा है | दलाल और चमचे तथाकथित समर्थक और नेता पीलिया से ग्रषित लग रहे है, अब तक रात को दारु और पैसा बाँटने के नाम पर दो-चार महीने के गुजारे का इंतजाम हो जाता था | इस बार सुशासन इनका चीर–हरण कर लिया है, इनके लिए तो ये दुशासन ही है, बोलते भी हैं नितीश दुर्योधन…. | कुछ होनहार, साहसी, वीर, जांबाज़, देश के भविष्य रतजगी कर रहे हैं, आजकल खुद को फ्रीलांसर जेम्स बांड नियुक्त किये हैं | तनख्वाह का तो पता नहीं पर पूछ काफी है |

कुछ जगहों पर चुनाव हो गया है, कुछ जगहों पर अभी होना है | जिन सरकारी सेवकों को इस नेक काम को शांतिपूर्वक करवाने का जिम्मा मिला है, वो नौकरी को कोष रहे हैं | मास्टर साहब की बेबसी पर उस कोचिंग वाले अजय सर की सहानुभूतिपूर्ण मुस्कराहट थोड़ी गुदगुदी करती है |

हमारे गाँव में पिछले रविवार को ही चुनाव हो गया, चुनाव प्रचार के दौरान एक-दो दिन थोड़ा-बहुत हंगामा हुआ पर बहस एक पक्षीय हो गयी तो रक्त प्रवाह का इंतजाम बेकार व्यर्थ चला गया | पटना से गौरव लक्ज़री का टिकट मिल रहा था, पर अवकाश का अभाव था, समर्थन मन में ही कुंठित रहा |

कल हमारे कुछ कार्यक्षेत्रों में चुनाव हुआ, कुछ-कुछ सूचनाएँ आई है, कहीं सवर्णों ने दलित-महादलित टोले में मतदान में बाधा दिया तो कहीं सवर्णों के नाम की लिस्ट ही गायब कर दी गयी, कहीं-कहीं कुछ-कुछ खरीद-बिक्री का भी सुना हूँ पर जानकारी नहीं है कि इस मंडी में क्या बिकता है, कौन बिकता है और कौन खरीदता है |

चुनाव और क्रिकेट में काफ़ी समानता है, लोकसभा चुनाव टेस्ट मैच जैसा….बड़े आराम से…लंबी दूरी तय करनी है भाई | विधानसभा चुनाव वन-डे जैसा, रक्तचाप बढ़ा हुआ, दांव-पेंच चालू, अटकलों और सट्टे का बाज़ार गर्म | पंचायत चुनाव तो टी20 है भाई, रक्तचाप मधुमेह के संग….ह्रदय गति निरंतर नियमित रफ़्तार से कई अधिक माइल्स की रफ़्तार में, दांव-पेंच शतरंज की बिसात से भी अधिक खतरनाक, यहाँ सट्टा नहीं कट्टा चलता है | यहाँ गीदर भी सिंह की खाल में घूमते है |

पर, मुझे व्यक्तिगत रूप से इस चुनाव कार्य में काफी अवसर दीखता है, दो महीने की महाकुंभ में बहुतों को रोजगार मिल जाता है, बहुतों के भीत-घर पक्के हो जाते हैं, चूल्हों पर कड़ाही देर तक चढ़ी रहने लगती है | अजनबियों से युहीं परिचय हो जाता है, बात करने के लिए मुद्दे मिल जाते हैं, बस-ट्रेन का सफ़र आसान हो जाता है, सफ़र की दूरी घट जाती है | खबरीलालों का मान-सम्मान बढ़ जाता है | मुझे तो लगता है कि चुनाव हर साल होना चाहिए | चुनाव पर किताब लिखे जाने चाहिए, उसका अंग्रेजी अनुवाद होना और जरुरी है, इंग्लैण्ड-अमेरिका से लोग शोध करने आयेंगे | टूर कम्पनियां स्पेशल चुनाव पैकेज भी निकाल सकती हैं, एक यात्री के लिए यहाँ बहुत सारी यादें, क्षण सहेजने लायक होती है | यहाँ रियल लाइफ ड्रामा, सस्पेंस, फाइट, लव, रिवेंज…. सनेमा के मसाले की पेटी के सारे फोरण होते हैं | बहुत कुछ है यहाँ, ज्ञान का महासागर है, जितनी डूबकी लगाओगे, उतना पाओगे |