पिजड़े में सुग्गा May12

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पिजड़े में सुग्गा

“बेपरवाह क्या हुए, पहले से ज्यादा रोमांटिक हो गये हो अरूण। इस जिंदा-दिली का राज क्या है?”
“कुछ नहीं प्रिया, पिजड़े में सुग्गा मीठा बोलती है, अंडा नहीं देती ना !”

 

 

आज़ादी जिन्दगी है