पोसिया Feb20

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पोसिया

गाँव के पूरब नदी किनारे मुसहर वस्ती थी, ५ बेटियों के बाद विदेसर मुसहर को जुड़वाँ बेटा हुआ – टिंगा मारी और सफल, लोग प्यार से टिंगा मारी को टीमा और सफल को सुफला बुलाने लगे | विदेसर को जब आठवें संतान की प्राप्ति हुई तो उसकी बड़ी बेटी भी माँ बन चुकी थी | आठवें बच्चे को जन्म देते ही विदेसर की पत्नी परलोक सिधार गयी | आठवीं बेटी ३१ दिसम्बर को हुई थी, पूस अपनी जवानी में सर्द था, विदेसर की भौजाई ने बच्चे का नाम रखा पूसा |

गाँव के सबसे बड़े जमींदार वेदनाथ मिश्र का बड़ी मान-मन्नौवल….इश्वर आराधना के बाद एक पुत्र की प्राप्ति हुई | पूरा माघ वेदनाथ जी बनारस में बाबा विश्वनाथ का पूजा करके पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद माँगा था | इसीलिए पुत्र को बाबा विश्वनाथ का प्रसाद समझकर उसका नाम विश्वनाथ रखा | गाँव के लोग उच्चारण से अक्सर खिलवाड़ करते रहते हैं, विश्वनाथ नाम सिर्फ स्कूल के रजिस्टर में रह गया. लोग विषनाथ कहकर पुकारने लगे | माँ-बाप का इकलौता बेटा, एक नंबर का शैतान, गुस्सा नाक पर और गाली तो उसका बपौती भाषा था, शायद इसीलिए लोग उसे विषनाथ कहते थे |

विदेसर वेदनाथ जी का खानदानी नौकर था…बच्चे वेदनाथ जी के घर ही चौका-वर्तन किया करते थे, गाँव के बदमास बच्चे पूसा को अक्सर पोसिया कहकर चिढ़ाते रहते थे (गाँव में बंधक रखे गये जानवर को पोसिया कहते हैं) | पोसिया के संसार में एक ही इंसान था जो उसे बहुत प्यार करता था, बहुत इज्जत करता था, सबसे छुपाकर उसे खीर और हलुआ खिलाता था, वो था विषनाथ | विषनाथ पोसिया को पुस्सी बुलाता था |

रेडियो सुनकर सुनकर पोसिया बड़ी हुई थी, हर समाचार से पहले परिवार नियोजन का विज्ञापन तो उसे कंठस्थ था…फिर कैसे उस रात विषनाथ के आलिंगन में प्लास्टिक की बांध समंदर के हिलोरों से टूट गयी और पोसिया पेट से हो गयी | आगे क्या हुआ?

क्या हुआ जब पोसिया की भैस उसकी जन्मदिन के रात ठंड से मर गयी ?

विदेसर ने अपने बेटे टीमा का खून क्यों किया ?

विषनाथ का एक्सीडेंट कैसे हुआ ?

वेदनाथ जी की बहु विलायत क्यों चली गयी ?

आगे की कहानी क्या आप खरीदकर पढना चाहेंगे ?