सर्वाधिक किताब पढने वाले पाठकों को मिलेगा ‘पंडित श्यामंनद झा स्मृति पाठक’ सम्मान Jul27

सर्वाधिक किताब पढने वाले पाठकों को मिलेगा ‘पंडित श...

सर्वाधिक किताब पढने वाले पाठकों को मिलेगा ‘पंडित श्यामंनद झा स्मृति पाठक’ सम्मान संस्कृत में एक कहावत है – स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान सर्वत्र पूज्यते | विद्वानों की सर्वत्र पूजा होती है | हमारे यहाँ लेखकों को सबसे बड़ा विद्वान माना जाता है | और लेखक सर्वाधिक सम्मानित भी होते हैं | मिथिला एक ऐसी उपजाऊ पावन भूमि है जहाँ अनादि काल से महान लेखकों का जन्म होता रहा है | जब कोई पोथी प्रकाशित होती है तो लेखक का सामाजिक मान-सम्मान बढ़ता है, प्रकाशक को आर्थिक लाभ प्राप्त होता है, परंच पाठक को ? पाठक सदा अज्ञात रह जाता है | वर्तमान समय और परिवेश के आधुनिकीकरण में पाठकों का समुदाय विलुप्त सा हो गया है, लोग अपने काम मात्र की जानकारी इन्टरनेट पर खोजकर...

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